Rajasthan Weather Update 2026: राजस्थान में नए साल पर मौसम का बड़ा उलटफेर; मावठ की बारिश से बढ़ी सर्दी, कोहरा बना आफ़त, कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

नए साल 2026 की शुरुआत राजस्थान के लिए मौसम के लिहाज़ से बेहद चौंकाने वाली रही। जिस सर्दी का असर दिसंबर तक अपेक्षाकृत कमजोर माना जा रहा था, उसने 1 जनवरी से अचानक रफ्तार पकड़ ली। अलसुबह प्रदेश के कई हिस्सों में मावठ की बारिश, घना कोहरा और ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। खासकर बूंदी, कोटा, जयपुर, सीकर, नागौर, शेखावाटी और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में मौसम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला।

मावठ के साथ आई ठंड ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं किसानों, वाहन चालकों और दैनिक यात्रियों के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी कर दीं। कई इलाकों में विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात पर सीधा असर पड़ा।

नववर्ष की सुबह मावठ की दस्तक: बूंदी से लेकर शेखावाटी तक असर

राजस्थान में नववर्ष 2026 की सुबह लोगों की आंख खुलते ही मौसम बदला हुआ था।

  • बूंदी में नए साल के आगाज के साथ ही मावठ शुरू हो गई

  • ठंडी बूंदाबांदी के साथ तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज हुई

  • कोहरे ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया

इसी तरह शेखावाटी क्षेत्र (सीकर, झुंझुनूं, चूरू) में ओस जमकर बर्फ की परत में तब्दील हो गई, जिससे ठिठुरन कई गुना बढ़ गई। खेतों, वाहनों और सड़कों पर जमी ओस ने सर्दी की तीव्रता का साफ संकेत दिया।

कोहरे ने रोकी रफ्तार: विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम

इस अचानक बदले मौसम का सबसे बड़ा असर यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला।

  • कई जिलों में घना से अति-घना कोहरा छाया रहा

  • विजिबिलिटी कई जगह 10 मीटर से भी कम रिकॉर्ड की गई

  • वाहन चालक दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलने को मजबूर रहे

  • हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही

राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंडी हवाओं और नमी के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे।

किसानों पर दोहरी मार: नुकसान भी, फायदा भी

मावठ की बारिश किसानों के लिए दोहरी तस्वीर लेकर आई।

नुकसान

  • कोटा जिले की भामाशाह मंडी में खुले में रखा अनाज भीग गया

  • गेहूं, सरसों और चना की कटाई से पहले बारिश से गुणवत्ता प्रभावित

  • भंडारण और उत्पादन पर असर

फायदा

  • मावठ को रबी फसलों के लिए जीवनदाय माना जाता है

  • खेतों में नमी बढ़ने से

  • गेहूं
  • सरसों
  • चना
  • जौ
    जैसी फसलों की बढ़वार बेहतर होती है

कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि:

  • अनाज को सुरक्षित स्थानों पर रखें

  • मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें

  • जरूरत पड़ने पर फसल सुरक्षा उपाय अपनाएं

राजस्थान के प्रमुख जिलों का अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)

जिला अधिकतम तापमान
अजमेर 24.0
भीलवाड़ा 24.4
अलवर 17.0
जयपुर 23.4
पिलानी 25.7
सीकर 22.8
कोटा 23.4
चित्तौड़गढ़ 25.4
बाड़मेर 24.2
जैसलमेर 25.4
जोधपुर 24.9
माउंट आबू 16.8
बीकानेर 23.7
चूरू 26.2
डूंगरपुर 25.9
जालौर 25.8
सिरोही 19.0
फतेहपुर (सीकर) 25.1
करौली 22.3
दौसा 24.9
झुंझुनूं 24.2

राजस्थान के प्रमुख जिलों का न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस)

जिला न्यूनतम तापमान
अजमेर 10.6
भीलवाड़ा 9.6
अलवर 6.5
जयपुर 11.4
पिलानी 8.8
सीकर 10.0
कोटा 10.1
चित्तौड़गढ़ 10.4
बाड़मेर 14.6
जैसलमेर 14.3
जोधपुर 12.2
माउंट आबू 8.4
बीकानेर 13.0
चूरू 9.1
श्रीगंगानगर 11.0
डूंगरपुर 12.4
जालौर 10.9
सिरोही 9.4
फतेहपुर (सीकर) 7.3
करौली 4.6
दौसा 8.4
झुंझुनूं 10.0

करौली में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री दर्ज होना इस बात का संकेत है कि शीतलहर का असर अब और तेज हो सकता है।

2025 में क्यों नहीं पड़ी कड़ाके की सर्दी? मौसम विभाग का बड़ा खुलासा

मौसम विभाग, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार:

  • राजस्थान में सर्दी मुख्य रूप से दिसंबर–जनवरी तक सीमित रहती है

  • सर्दी की तीव्रता पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) पर निर्भर करती है

  • ये विक्षोभ भूमध्य सागर से आते हैं और

  • हिमालय में बर्फबारी
  • मैदानी इलाकों में नमी
    लेकर आते हैं

100 सालों के डेटा से क्या पता चलता है?

  • औसतन हर सर्दी में 5–6 वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आते हैं

  • 2025 में सिर्फ 3–4, वो भी कमजोर

  • इसी वजह से:

  • न कड़ाके की सर्दी
  • न मावठ की बारिश

अब 31 दिसंबर और 1 जनवरी को सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ ही इस बदले मौसम की मुख्य वजह माना जा रहा है।

आने वाले दिनों का मौसम: कोहरा, शीतलहर और फिर राहत

मौसम विभाग की ताजा फोरकास्ट के मुताबिक:

1 जनवरी

  • बीकानेर, जयपुर, भरतपुर संभाग के कुछ हिस्सों में

  • हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना

2 जनवरी से

  • मौसम धीरे-धीरे शुष्क और साफ

  • लेकिन रातें और सुबह रहेंगी सर्द

1 से 3 जनवरी

  • उत्तरी और पश्चिमी राजस्थान में

  • घना कोहरा छाने की संभावना

2 से 4 जनवरी

  • शेखावाटी क्षेत्र में

  • शीतलहर की आशंका

  • न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर सकता है

सावधानी जरूरी: मौसम के साथ बदलें आदतें

इस बदलते मौसम में विशेषज्ञों की सलाह:

  • सुबह-शाम अनावश्यक यात्रा से बचें

  • वाहन चलाते समय फॉग लाइट/हेडलाइट का प्रयोग करें

  • बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाकर रखें

  • किसान मौसम अपडेट नियमित रूप से देखें

निष्कर्ष: नए साल की ठंडी शुरुआत, आगे और बढ़ेगा असर

नए साल 2026 की शुरुआत राजस्थान में ठंड, मावठ और कोहरे के साथ हुई है। मौसम विभाग के संकेत साफ हैं कि आने वाले कुछ दिन सर्दी और बढ़ सकती है, खासकर शेखावाटी और उत्तरी राजस्थान में। प्रशासन, किसान और आम नागरिक—तीनों के लिए यह समय सतर्कता और सावधानी का है।

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