Sanchar Saathi Portal: संचार साथी पोर्टल ने जुलाई में ढूंढ निकाले 77 हजार से ज्यादा फोन, जानिए IMEI और CEIR कैसे करता है काम…! – चोरी मोबाइल बरामद होने से फिर चर्चा में आया पोर्टल

Sanchar Saathi Portal: ने जुलाई 2026 में 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कराने में मदद की। जानिए Sanchar Saathi, CEIR और IMEI की मदद से चोरी हुए फोन को कैसे ब्लॉक और ट्रैक किया जाता है।

Sanchar Saathi Portal जुलाई में 77,692 मोबाइल बरामद होने से फिर चर्चा में आया पोर्टल

मोबाइल फोन आज हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का बेहद जरूरी हिस्सा बन चुका है। बैंकिंग से लेकर UPI, सोशल मीडिया, फोटो, जरूरी डॉक्यूमेंट और निजी बातचीत तक बहुत कुछ स्मार्टफोन में रहता है। ऐसे में फोन का खो जाना या चोरी हो जाना सिर्फ एक महंगे डिवाइस के चले जाने की परेशानी नहीं है, बल्कि उसके गलत इस्तेमाल का खतरा भी पैदा कर सकता है।

इसी समस्या से निपटने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने Sanchar Saathi Portal और ऐप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसका इस्तेमाल खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक कराने, उसके IMEI की जानकारी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने और डिवाइस की संभावित बरामदगी में मदद लेने के लिए किया जा सकता है।

अब यह प्लेटफॉर्म एक बार फिर चर्चा में है। दूरसंचार मंत्रालय के अनुसार जुलाई 2026 में Sanchar Saathi की मदद से 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद कराने में मदद मिली। यह पहली बार था जब एक महीने में बरामदगी का आंकड़ा 75 हजार से ऊपर पहुंचा। मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच मासिक मोबाइल रिकवरी में 201 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

यहां एक बात समझना जरूरी है कि Sanchar Saathi खुद पुलिस की तरह किसी फोन को जाकर बरामद नहीं करता। यह व्यवस्था दूरसंचार विभाग, टेलीकॉम कंपनियों और पुलिस के बीच तकनीकी समन्वय को मजबूत करती है। फोन की पहचान, नेटवर्क पर उसके इस्तेमाल और उससे जुड़े सिम की जानकारी जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराकर बरामदगी की संभावना बढ़ाई जाती है।

Sanchar Saathi क्या है और इसका काम क्या है?

Sanchar Saathi भारत सरकार के दूरसंचार विभाग की नागरिक-केंद्रित डिजिटल सुविधा है। इसका उद्देश्य मोबाइल और टेलीकॉम यूजर्स को कई तरह की सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

इस प्लेटफॉर्म पर खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने की सुविधा सबसे महत्वपूर्ण सेवाओं में से एक है। इसके अलावा IMEI की जांच, मोबाइल से जुड़ी दूसरी सेवाओं और टेलीकॉम सुरक्षा से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

खोए हुए फोन के मामले में इसकी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका CEIR यानी Central Equipment Identity Register सिस्टम के साथ जुड़ी हुई है। CEIR मोबाइल के IMEI नंबर के आधार पर डिवाइस को नेटवर्क पर ब्लॉक करने की प्रक्रिया में मदद करता है।

सेवाकाम
Lost/Stolen Mobile Blockingखोए या चोरी हुए फोन को नेटवर्क पर ब्लॉक करना
IMEI Verificationमोबाइल के IMEI की जांच करना
Request Statusदर्ज की गई शिकायत या अनुरोध की स्थिति देखना
Unblock Found Phoneफोन मिलने के बाद IMEI को अनब्लॉक कराने की प्रक्रिया

 

आधिकारिक CEIR पोर्टल के अनुसार खोए या चोरी हुए फोन का IMEI सफलतापूर्वक ब्लॉक होने के बाद डिवाइस को भारत के मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। हालांकि IMEI ब्लॉक होने के बाद भी पुलिस फोन को ट्रैक कर सकती है।

IMEI नंबर क्या होता है?

Sanchar Saathi और CEIR की पूरी व्यवस्था समझने के लिए IMEI को समझना सबसे जरूरी है।

IMEI का पूरा नाम International Mobile Equipment Identity है। यह मोबाइल हैंडसेट की पहचान से जुड़ा एक यूनिक नंबर होता है। आमतौर पर मोबाइल फोन में 15 अंकों का IMEI नंबर होता है। Dual-SIM फोन में अक्सर दो IMEI नंबर होते हैं, क्योंकि दोनों SIM स्लॉट के लिए अलग पहचान हो सकती है।

यही नंबर खोए या चोरी हुए मोबाइल की पहचान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अगर आपका फोन चोरी हो गया है और आप CEIR के जरिए उसे ब्लॉक करना चाहते हैं, तो आपको IMEI नंबर की जरूरत पड़ती है। आधिकारिक CEIR फॉर्म में IMEI 1 और जरूरत पड़ने पर IMEI 2 दर्ज करने का विकल्प दिया जाता है।

इसलिए मोबाइल खरीदने के बाद उसके IMEI नंबर को कहीं सुरक्षित लिखकर रखना समझदारी है। फोन के बॉक्स, बिल या डिवाइस की जानकारी में IMEI उपलब्ध हो सकता है।

CEIR क्या है और यह कैसे काम करता है?

CEIR यानी Central Equipment Identity Register एक ऐसा सिस्टम है जो मोबाइल हैंडसेट की पहचान को उसके IMEI नंबर से जोड़कर नेटवर्क स्तर पर डिवाइस को ब्लॉक करने में मदद करता है।

मान लीजिए आपका स्मार्टफोन चोरी हो गया। चोर अगर उसमें दूसरी कंपनी का SIM डालकर उसे इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो सिर्फ SIM बदलने से समस्या खत्म नहीं हो जाती। अगर उस फोन का IMEI CEIR में ब्लॉक है, तो डिवाइस भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

यही वजह है कि फोन चोरी होने के बाद केवल SIM बंद करवाना पर्याप्त नहीं माना जाना चाहिए। SIM को बंद कराने के साथ-साथ डिवाइस के IMEI को भी ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है।

आधिकारिक CEIR के अनुसार ब्लॉकिंग अनुरोध सफल होने के बाद मोबाइल 24 घंटे के भीतर ब्लॉक किया जाता है और उसके बाद उसे भारत के किसी भी मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

चोरी हुआ फोन फिर ट्रैक कैसे होता है?

यहीं पर Sanchar Saathi की व्यवस्था ज्यादा दिलचस्प हो जाती है।

जब कोई खोया या चोरी हुआ फोन रिपोर्ट करके ब्लॉक किया जाता है, तो उसका IMEI नेटवर्क पर ब्लॉक कर दिया जाता है। अगर बाद में कोई उस हैंडसेट को इस्तेमाल करने की कोशिश करता है, तो नेटवर्क स्तर पर उस डिवाइस की गतिविधि सामने आ सकती है।

दूरसंचार मंत्रालय के अनुसार जुलाई में हुई रिकवरी में Digital Intelligence Unit और उसके फील्ड यूनिट्स ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम किया। चोरी या खोए हुए हैंडसेट में नया SIM डाले जाने से जुड़ी जानकारी पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाती है। इससे जांच एजेंसियों को डिवाइस तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

यानी इसे ऐसे समझ सकते हैं कि फोन का IMEI सिस्टम में दर्ज होने के बाद डिवाइस की पहचान नेटवर्क स्तर पर बनी रहती है। अगर कोई व्यक्ति उस फोन को दोबारा नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश करता है, तो सिस्टम से मिलने वाली जानकारी पुलिस की जांच के लिए उपयोगी हो सकती है।

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर चोरी हुआ फोन तुरंत या निश्चित रूप से बरामद हो जाएगा। फोन की बरामदगी कई परिस्थितियों पर निर्भर करती है।

Sanchar Saathi पर चोरी हुआ फोन कैसे ब्लॉक करें?

अगर आपका मोबाइल फोन चोरी या गुम हो गया है तो सबसे पहले पुलिस शिकायत दर्ज कराना जरूरी है। इसके बाद CEIR/Sanchar Saathi के जरिए IMEI ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

आधिकारिक प्रक्रिया के अनुसार आपको पुलिस रिपोर्ट की कॉपी, पहचान से जुड़े दस्तावेज और उपलब्ध होने पर मोबाइल की खरीद रसीद तैयार रखनी चाहिए। खोए हुए नंबर के लिए नया SIM भी जारी करवाना पड़ सकता है, क्योंकि ब्लॉकिंग अनुरोध के दौरान OTP के लिए मोबाइल नंबर की जरूरत होती है।

इसके बाद Sanchar Saathi या CEIR पर Lost/Stolen Mobile से जुड़ा अनुरोध दर्ज किया जाता है। इसमें मोबाइल नंबर, IMEI और डिवाइस से जुड़ी दूसरी जानकारी भरनी होती है।

अनुरोध जमा होने के बाद एक Request ID मिलती है। इसे संभालकर रखना जरूरी है, क्योंकि इसी के जरिए आगे अपने अनुरोध की स्थिति देखी जा सकती है। आधिकारिक पोर्टल पर Request ID से स्टेटस चेक करने की सुविधा मौजूद है।

फोन चोरी होने के बाद कौन-कौन से काम करने चाहिए?

फोन चोरी होने पर सबसे बड़ी गलती यह होती है कि लोग सिर्फ नया SIM निकलवाकर शांत हो जाते हैं। SIM बदलना जरूरी हो सकता है, लेकिन डिवाइस की सुरक्षा के लिए IMEI ब्लॉक करना भी महत्वपूर्ण है।

कामक्यों जरूरी है
पुलिस शिकायतचोरी या गुम होने का आधिकारिक रिकॉर्ड
SIM दोबारा जारी करानाOTP और नंबर से जुड़ी सेवाओं के लिए
IMEI ब्लॉक करनाफोन को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकना
Request ID संभालनास्टेटस और आगे की प्रक्रिया के लिए
ऑनलाइन अकाउंट सुरक्षित करनानिजी और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा

 

इसके साथ ही फोन में लॉगिन Google Account, Apple Account, बैंकिंग ऐप, UPI और सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए। जरूरी हो तो संबंधित अकाउंट का पासवर्ड बदलना और डिवाइस से लॉगआउट करना बेहतर रहता है।

अगर चोरी हुआ फोन वापस मिल जाए तो क्या करना होगा?

कई बार Sanchar Saathi और पुलिस की मदद से खोया हुआ फोन वापस मिल जाता है। ऐसी स्थिति में ब्लॉक किए गए IMEI को दोबारा अनब्लॉक कराने की प्रक्रिया करनी होती है।

आधिकारिक CEIR पोर्टल पर Recovered/Found Mobile को Unblock करने की सुविधा उपलब्ध है। इसके लिए Request ID, मोबाइल नंबर और पुलिस शिकायत से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है।

फोन मिलने के बाद बिना प्रक्रिया पूरी किए उसे इस्तेमाल करने की कोशिश करना सही नहीं है। पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि डिवाइस आधिकारिक रूप से बरामद हो चुका है और संबंधित पुलिस शिकायत की जानकारी अपडेट है।

दूरसंचार मंत्रालय ने बरामद मोबाइल के मामले में फैक्ट्री रीसेट करने की सलाह भी दी है, ताकि किसी संभावित मैलवेयर या अनधिकृत सॉफ्टवेयर से जुड़े जोखिम को कम किया जा सके।

क्या Sanchar Saathi खुद पुलिस की तरह फोन ढूंढता है?

नहीं। यह अंतर समझना बेहद जरूरी है।

Sanchar Saathi एक डिजिटल और टेलीकॉम सुरक्षा प्लेटफॉर्म है। यह IMEI ब्लॉकिंग, नेटवर्क से जुड़ी जानकारी और शिकायत प्रक्रिया को एक सिस्टम में जोड़ता है। वास्तविक जांच और बरामदगी में पुलिस तथा संबंधित जांच एजेंसियों की भूमिका होती है।

जुलाई 2026 में 77,692 फोन बरामद होने के पीछे भी दूरसंचार विभाग की Digital Intelligence Unit, फील्ड यूनिट्स, टेलीकॉम कंपनियों और स्थानीय पुलिस के बीच समन्वय की भूमिका बताई गई है।

इसलिए Sanchar Saathi को फोन खोजने वाला GPS ट्रैकर समझना सही नहीं होगा। यह ऐसी व्यवस्था है जो खोए या चोरी हुए डिवाइस की पहचान और नेटवर्क स्तर की जानकारी का इस्तेमाल करके जांच को आसान बनाने में मदद करती है।

77,692 फोन बरामद होने का आंकड़ा क्यों महत्वपूर्ण है?

जुलाई 2026 में 77,692 मोबाइल फोन बरामद कराने में मदद मिलना इस व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। सरकारी बयान के अनुसार यह पहली बार था जब एक महीने में रिकवरी 75 हजार के आंकड़े से ऊपर गई।

इससे यह भी पता चलता है कि केवल फोन को ब्लॉक करने के बजाय ब्लॉकिंग और नेटवर्क-आधारित ट्रेसिंग के बीच समन्वय कितना उपयोगी हो सकता है।

मंत्रालय के मुताबिक अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच मासिक मोबाइल हैंडसेट रिकवरी में 201 प्रतिशत की वृद्धि हुई। नागरिकों को ट्रेसिंग रिपोर्ट में संबंधित पुलिस स्टेशन का नाम SMS, ईमेल और पोर्टल या ऐप के जरिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

यह बदलाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चोरी हुए फोन की शिकायत करने वाले व्यक्ति को यह पता चल सकता है कि मामले की जांच किस पुलिस स्टेशन से जुड़ी है।

क्या चोरी हुए फोन को ब्लॉक करने से उसका डेटा सुरक्षित हो जाता है?

यहां सावधानी रखना बहुत जरूरी है।

IMEI ब्लॉक होने का मुख्य उद्देश्य फोन को भारतीय मोबाइल नेटवर्क पर इस्तेमाल होने से रोकना है। इससे फोन में मौजूद डेटा अपने आप डिलीट नहीं होता।

अगर फोन में Screen Lock नहीं था या चोर किसी तरह डिवाइस तक पहुंच गया है, तो निजी डेटा का जोखिम अलग बना रह सकता है। इसलिए फोन खोने के तुरंत बाद अपने Google या Apple अकाउंट की सुरक्षा जांचना, जरूरी पासवर्ड बदलना और उपलब्ध Remote Lock या Erase जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करना भी जरूरी हो सकता है।

Sanchar Saathi और CEIR डिवाइस को नेटवर्क पर ब्लॉक करने में मदद करते हैं, लेकिन यह व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा के हर पहलू का विकल्प नहीं है।

फोन खरीदते समय भी Sanchar Saathi क्यों काम आता है?

Sanchar Saathi का इस्तेमाल केवल फोन चोरी होने के बाद ही नहीं किया जाता। IMEI Verification जैसी सुविधा से मोबाइल की पहचान से जुड़ी जानकारी जांची जा सकती है।

खासकर सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदते समय डिवाइस का IMEI जांचना उपयोगी हो सकता है। इससे खरीदार को यह समझने में मदद मिल सकती है कि फोन की पहचान संबंधी जानकारी में कोई समस्या तो नहीं है।

सरकारी CEIR पोर्टल पर IMEI Verification के लिए अलग सुविधा उपलब्ध है।

इसलिए पुराना या सेकेंड हैंड स्मार्टफोन खरीदने वाले लोगों के लिए भी Sanchar Saathi की सेवाएं उपयोगी हो सकती हैं।

निष्कर्ष

Sanchar Saathi Portal ने जुलाई 2026 में 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कराने में मदद करके एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस पूरी व्यवस्था में IMEI और CEIR की भूमिका सबसे अहम है।

फोन चोरी होने पर सबसे पहले पुलिस शिकायत दर्ज कराना, SIM को सुरक्षित करना और IMEI ब्लॉक कराने की प्रक्रिया शुरू करना जरूरी है। इसके बाद अगर चोरी हुआ फोन दोबारा किसी नेटवर्क पर इस्तेमाल किया जाता है, तो उससे जुड़ी नेटवर्क जानकारी जांच एजेंसियों के लिए उपयोगी हो सकती है।

हालांकि Sanchar Saathi कोई जादुई फोन-ट्रैकर नहीं है और न ही हर चोरी हुआ फोन निश्चित रूप से वापस मिल सकता है। इसकी असली ताकत दूरसंचार विभाग, टेलीकॉम कंपनियों और पुलिस के बीच तकनीकी समन्वय में है।

अगर आपका फोन कभी गुम या चोरी हो जाए तो केवल नया SIM लेने तक सीमित न रहें। IMEI को ब्लॉक कराना और आधिकारिक शिकायत दर्ज करना उतना ही महत्वपूर्ण है। यही कदम आपके फोन के गलत इस्तेमाल की संभावना को कम करने और उसकी संभावित बरामदगी में मदद कर सकते हैं।

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